पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो –Madhu

पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो –Madhu

.. पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो ,
..आँसू छिपाते हो फेर कर नज़रे,
..इतना फीका मुस्कुराया न करो ..पापा मुझे छोड़ने आया न करो
.. हिदायत दे घर भर की लाइट्स बुझाते ,
… अपनी जरूरतें गैर जरूरी बता टालते ,
..गाड़ी का माइलेज चेक कर हिसाबते ,
…मेरे हाथ में ए टी एम यू थमाया न करो … पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो ।

…पानी की बॉटल रखी या नही,
…टिकट कही तुम भूली तो नही ,
…पर्स में खुले पैसे रखे या नही ,
….इतना नम प्यार जताया न करो ….पापा मुझे छोड़ने आया न करो ।

सीट के नीचे मेरे बैग जमाते ,
ध्यान रखना अकेली जा रही,
साथ की किसी महिला को बताते,
पल पल इतनी चिंता जताया न करो …पापा मुझे छोड़ने आया न करो ।

पहुँचते ही वहाँ करना फोन ,
“अब कब होगा आना ” पूछकर ,
रगों में तन्हाई भर चप्पा चप्पा वीरान करते ,
उदास हाथ मेरे सर पर फिराया न करो ..आप स्टेशन आया न करो ।

मैं खामोश रीती हो जाती बिखरकर ,
जी भर ऐसे गले लगाया न करो ,
दूर तक देखती रहती हूँ खिड़की से ,
ग़मगीन खड़े यू हाथ हिलाया न करो ,..आप स्टेशन आया न करो ।

सिग्नल हरा हो गया कह चेहरा फेरते ,
रुन्धा गला बेमतलब बातों में छिपाया न करो,
मेरा आगा पीछा सोच सोच आप ,
अपना कलेजा दुखाया न करो,…… मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो

लो बात करो कह फ़ोन माँ को थमाते,
बाद में पूछते उनसे ब्यौरा सारा ,
बरसों पुराना मोबाइल रखे ,
हमारे नाम पाई पाई के कागज़ बनवाया न करो…. पापा आप मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो
(Madhu )_writer at film association Mumbai

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