नागफनी (prickly pear)–Dr. Mohd Saudagar

नागफनी (prickly pear)–Dr. Mohd Saudagar

नागफनी (prickly pear) के औषधीय गुण इसमें विरेचन की भी क्षमता है . पेट साफ़ न होता हो तो इसके ताज़े दूध की 1-2 बूँद बताशे में डालकर खा लें ; ऊपर से पानी पी लें . इसका दूध आँख में नहीं गिरना चाहिए . यह अंधापन ला सकता है . आँखों की लाली ठीक करनी हो तो इसके बड़े पत्ते के कांटे साफ करके उसको बीच में से फाड़ लें . गूदे वाले हिस्से को कपडे पर रखकर आँख पर बाँधने से आँख की लाली ठीक हो जाती है . अगर सूजन है , जोड़ों का दर्द है , गुम चोट के कारण चल नहीं पाते हैं तो , पत्ते को बीच में काटकर गूदे वाले हिस्से पर हल्दी और सरसों का तेल लगाकर गर्म करकर बांधें . 4-6 घंटे में ही सूजन उतर जायेगी . Hydrocele की समस्या में इसी को लंगोटी में बांधें . कान में परेशानी हो तो इक्का पत्ता गर्म करके दो-दो बूँद रस डालें . इसके लाल और पीले रंग के फूल होते हैं . फूल के नीचे के फल को गर्म करके या उबालकर खाया जा सकता है . यह फल स्वादिष्ट होता है ।यह पित्तनाशक और ज्वरनाशक होता है . अगर दमा की बीमारी ठीक करनी है तो इसके फल को टुकड़े कर के , सुखाकर ,उसका काढ़ा पीयें . इस काढ़े से साधारण खांसी भी ठीक होती है । ऐसा माना जाता है की अगर इसके पत्तों के 2 से 5 ग्राम तक रस का सेवन प्रतिदिन किया जाए तो कैंसर को रोका जा सकता है लीवर , spleen बढ़ने पर , कम भूख लगने पर या ascites होने पर इसके 4-5 ग्राम रस में 10 ग्राम गोमूत्र , सौंठ और काली मिर्च मिलाएं . इसे नियमित रूप से लेते रहने से ये सभी बीमारियाँ ठीक होती हैं . श्वास या कफ के रोग हैं तो एक भाग इसका रस और तीन भाग अदरक का रस मिलाकर लें . इसके पंचाग के टुकड़े सुखाकर , मिटटी की हंडिया में बंद करके फूंकें . जलने के बाद हंडिया में राख रह जाएगी । इसे नागफनी का क्षार कहा जाता है । इसकी 1-2 ग्राम राख शहद के साथ चाटने से या गर्म पानी के साथ लेने से हृदय रोग व सांस फूलने की बीमारी ठीक होती है . घबराहट दूर होती है । इससे मूत्र रोगों में भी लाभ मिलता है . श्वास रोगों में भी फायदा होता है नागफनी सूजन, कब्ज, निमोनिया, गर्भनिरोधक और कई अन्य रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इसे आंतरिक और बाह्य दोनों तरह से इस्तेमाल किया जाता है। किसी भी मामले में, इसे प्रयोग करने से पहले कांटों को हटा देना बहुत ही आवश्यक है। निमोनिया पौधे के छोटे-छोटे टुकड़ों काट, उबाल कर, जो एक्सट्रेक्ट मिलाता है उसे एक दिन में दो बार 2 मिलीलीटर की मात्रा में, पांच दिनों के लिए दिया जाता है। सूजन, गठिया, Hydrocele पौधे का तना लें और कांटा निकाल दें। इसे बीच से फाड़ कर हल्दी और सरसों का तेल डाल कर गर्म करें और प्रभावित जगह पर बाँध लें। IBS, कोलाइटिस, प्रोस्टेट ग्रंथि की सूजन फूल का प्रयोग किया जाता है। कब्ज बताशे/ चीनी/मिश्री पर लेटेक्स से केवल कुछ बूंदें डाल कर लें। सामान्य सूजन हो ,सूजन से दर्द हो uric acid बढ़ा हुआ हो , या arthritis की बीमारी हो . इन सब के लिए नागफनी की 3-4 ग्राम जड़ + 1gm मेथी +1 gm अजवायन +1gm सौंठ लेकर इनका काढ़ा बना लें और पीयें .

72 Comments

  1. Thanks for your personal marvelous posting! I definitely enjoyed reading it, you happen to be a great author.I will always bookmark your blog and will eventually come back down the road. I want to encourage you to definitely continue your great writing, have a nice day!
    http://financepoints.eu

  2. With havin so much content do you ever run into any problems of plagorism or copyright violation? My blog has a lot of exclusive content I’ve either written myself or outsourced but it looks like a lot of it is popping it up all over the web without my agreement. Do you know any ways to help stop content from being stolen? I’d genuinely appreciate it.
    http://financehint.eu

  3. I know this if off topic but I’m looking into starting my own blog and was wondering what all is required to get setup? I’m assuming having a blog like yours would cost a pretty penny? I’m not very web savvy so I’m not 100% sure. Any tips or advice would be greatly appreciated. Thanks
    http://educationhint.eu

  4. Hi, i read your blog occasionally and i own a similar one and i was just curious if you get a lot of spam feedback? If so how do you protect against it, any plugin or anything you can recommend? I get so much lately it’s driving me crazy so any assistance is very much appreciated.
    http://edutips.eu

  5. It’s amazing to pay a quick visit this website and reading the views of all friends concerning this post, while I am also zealous of getting familiarity.

  6. Thank you a bunch for sharing this with all of us you really know what you are talking approximately! Bookmarked. Kindly also visit my site =). We can have a link trade arrangement among us

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *