Happy Women’s Day—ममता गैरोला

Happy Women’s Day—ममता गैरोला

भावना तू रख ह्रदय में,

जुबां मौन की परिभाषा है ,

अस्तित्व में तेरे कहीं,

थोड़ी जमीं थोड़ा आसमां सा है ,,,,

चहकना की आँगन बाबुल का है,

हँस दे की सपना माँ का है ,,,

जब छोड़ना आँगन पड़े,

सोचना ये सब सपना सा है ,,,

न अहम आये तुझमे कभी,

तू धैर्य की परिभाषा है ,,,

समेटे जहान को खुद में,

माँ के आँचल की तू अभिलाषा है ,,

हंस दे कोई हँसना भी तू,

रो दे कोई रोना भी तू ,

सौ मर्म भी दिल में अगर,

उन्हें जीत कर बढ़ना भी तू ,,,

तू साख एक घर की नहीं,

तुझे दूजी डाल से जुड़ना भी है,

तुझे मान रखना है हर जगह,

तू घर में जलता दिया भी है ,,,

तू प्रकाश कर जीवन सभी,

अपने अँधेरे भी दूर कर,

न सिमटना अँधेरे की मार में,

सर्वस्व तुझमे अपना भी है ,,

यूँ नहीं तू सरस्वती,गायित्री ,काली,दुर्गा भी है

सब रंग तेरे गर्भ में,

तू भूमिजा, तेजावह भी है जो शक्ति तुझमे पल रही,

उस शक्ति का परिचय भी दे ,

गर है कहीं अत्याचार तो, तू भाल बन संघर्ष दे ,,,

न समाज बदलेगा कभी,

तेरे अंजुल भरे इन आसुंओ से बदलना हो गर हालत तो,

फिर शुरुवात तू अपने आप से ,,,,

संघर्ष कर सही राह में, तू कर्मगति परिचय भी है ,,

तुझे मान रखना है हर जगह,

तू समाज का आइना भी है ,,

सवाल बन जवाब बन ,

तू खुद ही अपनी ढाल बन बस कर्म पथ पर चल सदा और सबके लिए मिशाल बन

ममता गैरोला #womensday

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